ना मांगी दुआ , ना कोई गुज़ारिश की,
ना कोई फ़रियाद , ना कोई नुमाइश की..
जब भी झुका सर सजदे में खुदा के ,
बस दोस्तों की ख़ुशी की ख्वाइश की ।