लोग हर मोड़ पर रुक – रुक के संभलते क्यों है ,
इतना डरते है तो फिर घर से निकलते क्यों है ;
मैं ना जुगनू हूँ दिया हूँ ना कोई तारा हूँ ,
रौशनी वाले मेरे नाम से जलते क्यों हैं …!!