दरिया ने झरने से पुछा …
तुझे समन्दर नहीं बनना है क्या ?
झरने ने बडी नम्रता से कहा …
बडा बनकर खारा हो जाने से अच्छा है कि मैं छोटा रह कर मीठा ही रहुं …