ऐ दोस्त तुम पे लिखना शुरू कहा से करूँ?
अदा से करूँ या हया से करूँ?
तुम्हारी दोस्ती इतनी खुबसूरत है. पता नहीं की तारीफ जुबा से करू या दुआ से करूँ?…..